घुटनों के दर्द के लिए आयुर्वेदिक तेल और मालिश विधि: विज्ञान, आयुर्वेद और आधुनिक शरीर विज्ञान पर आधारित सम्पूर्ण गाइड
Introduction घुटनों का दर्द आज केवल बुजुर्गों की समस्या नहीं रह गया है, बल्कि 25–45 वर्ष की उम्र के लोगों में भी तेजी से बढ़ रहा है। लंबे समय तक बैठना, गलत पोस्टर, वजन बढ़ना, पोषण की कमी और कमजोर मांसपेशियाँ — ये सभी मिलकर घुटनों के जोड़ों पर लगातार दबाव डालते हैं। जब यह दबाव शरीर की प्राकृतिक मरम्मत क्षमता से अधिक हो जाता है, तब दर्द, stiffness और सूजन शुरू होती है। आयुर्वेद हजारों वर्षों से जोड़ों के स्वास्थ्य को स्नेहन (lubrication) और वात संतुलन से जोड़कर देखता है। वहीं आधुनिक विज्ञान बताता है कि joint cartilage, synovial fluid, inflammation molecules और muscle imbalance मिलकर knee pain को पैदा करते हैं। इस ब्लॉग में हम आयुर्वेदिक तेल और मालिश को सिर्फ घरेलू उपाय नहीं, बल्कि scientifically explain किए गए therapeutic tools के रूप में समझेंगे। अधिकांश लोग घुटनों के दर्द में तुरंत painkiller या gel इस्तेमाल करते हैं, जो अस्थायी राहत तो देता है लेकिन root cause को ठीक नहीं करता। दर्द का असली कारण अक्सर joint lubrication की कमी, cartilage degeneration, chronic inflammation ...